बिग डोर आईटी सॉल्यूशन्स और मानव आदर्श सेवा समिति: निर्धन बच्चों के लिए मुस्कान और प्रेरणा का पर्व

मानव आदर्श सेवा समिति, निकेतन, और बिग डोर आईटी सॉल्यूशन्स के संयुक्त प्रयास से संस्था के कार्यालय, सेक्टर 6, सी-43, में एक अनूठा कार्यक्रम आयोजित किया गया। इस आयोजन का उद्देश्य निर्धन और साधनहीन बच्चों के चेहरों पर मुस्कान लाना और उनकी प्रतिभाओं का मूल्यांकन करते हुए उन्हें एक मंच प्रदान करना था। यह कार्यक्रम बडे़ दिन (क्रिसमस डे) के उपलक्ष्य में आयोजित किया गया, जिसमें चित्रकला, सुलेख, और सामान्य ज्ञान जैसी विधाओं में बच्चों ने अपनी प्रतिभा प्रदर्शित की।
बिग डोर आईटी सॉल्यूशन्स की विशेष भूमिका और मुख्य अतिथि
कार्यक्रम के मुख्य अतिथि, श्रीमती स्मिता श्रीवास्तव, जो बिग डोर आईटी सॉल्यूशन्स प्राइवेट लिमिटेड की संस्थापक और सीईओ हैं, ने अध्यक्ष सागनी महिला क्लब के साथ सभी प्रतिभागियों को बिस्कुट, केक, ड्राइंग पुस्तिकाएं, पेंसिल, कटर, और अन्य सामग्री वितरित की। उन्होंने इस बात पर जोर दिया कि बच्चों के विकास में अभिभावकों की भूमिका अत्यंत महत्वपूर्ण है। उन्होंने अभिभावकों को प्रोत्साहित किया कि वे बच्चों को नैतिक मूल्यों और भारतीय संस्कृति की शिक्षा दें।
संस्था के वक्तव्यों का संदेश
मानव आदर्श सेवा समिति के संस्थापक श्री पी.के. घोष, अध्यक्ष रोहित अग्रवाल, और सलाहकार मंडल ने अपने संबोधन में कहा कि मानवता के विकास के लिए सभी को भेदभाव दूर करना होगा। इससे एक सशक्त राष्ट्र का निर्माण संभव है।
श्री पी.के. घोष ने बच्चों और अभिभावकों को यह समझाया कि सांता क्लॉज द्वारा उपहार देने की परंपरा वास्तव में हमारे पूर्वजों और परिवारों द्वारा शुरू की गई थी। इस बात पर जोर दिया गया कि इस भ्रम को दूर किया जाए और बच्चों को बताया जाए कि उनके माता-पिता और पूर्वज ही उनके वास्तविक सांता हैं। इसके साथ ही उन्होंने तुलसी दिवस (25 दिसंबर) का महत्व भी समझाया, जो हमारे पूर्वजों और महान संतों की शिक्षाओं को समर्पित है।
विशेष सहयोग और प्रेरणा
कार्यक्रम में सहयोग देने वाले संगीत, पूजा, श्यामल चटर्जी, निवेदिता घोष, और नंदिता कीर्ति जैसे सहकर्मियों ने इस आयोजन को सफल बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई।
कार्यक्रम का उद्देश्य और संकल्प
इस आयोजन ने बच्चों और अभिभावकों के बीच एक सकारात्मक संदेश दिया कि शिक्षा और आत्मनिर्भरता के माध्यम से हम आने वाले भविष्य को उज्जवल बना सकते हैं। प्रतिभागियों और अभिभावकों ने यह संकल्प लिया कि वे आने वाले वर्षों में महान व्यक्तित्वों जैसे गौतम बुद्ध, महावीर, गुरु नानक, स्वामी विवेकानंद, और रामकृष्ण परमहंस की शिक्षाओं को अपने जीवन में आत्मसात करेंगे।
उपस्थित लोग और समापन
कार्यक्रम के समापन पर उपस्थित सभी लोगों ने इस पहल की सराहना की और इसे एक अनोखी प्रेरणा का स्रोत बताया। कार्यक्रम की तस्वीरें भी साथ में प्रस्तुत की गई हैं।
